दुशमनो से कैसे बदला ले। chanakya neeti

आप अपने दुश्मनों से परेशान हैं लोगों का बुरा चाहते हैं पूरा करते हैं आपके साथ हमेशा बुरा करते हैं अच्छाई आपके साथ होती नहीं आपको लोग कमजोर समझते बेवकूफ समझते हैं और आप चाहते क्या वह अपने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दो उनको अपने तलवों में गिरा अगर हा तो यह आर्टिकल पूरा पढें।

आज मैं आपको तीन चाणक्य की चतुर नीतियां बताना चाहता हूं जो कि आपको पता लग गई तो आपका जीवन बदल जाएगा और आपके दुश्मन आपके पांव में गिर जाएंगे।

1- लोगों के लिए बुरे बन जाओ बहरे बन जाओ तो लोग आपका अच्छी सलाह देते हैं । तो बेशक उनका स्वागत करिए और उनको ध्यान से सुनिए वक्ती क्या कह रहे हैं उनको मानिए जिंदगी में आगे बढ़ते रहिए ऊंचाइयां छूते रहें लेकिन अगर बुरा चाहते हो और आप  के बारे में बुरी बातें करते तो उसको एक कान से सुनो दूसरे कान से निकाल उनको ऐसा दिखाइए कि आपको तो बिल्कुल फरक नही पड़ा कि  रहा की वे क्या कह रहे हैं ।

2- क्रोध पर काबू रक्खो - शत्रुओं का सबसे घातक हथियार होता है उकसाना वह ऐसा प्रयास करता है कि आप को उकसाया जाए और आपको क्रोध आए क्रोध में शक्ति और विवेक आधी हो जाती है और शत्रु आपकी कमजोरी का फायदा उठाता है इसलिए शत्रु जब आप को उकसाने का प्रयास करें सब कछुए की भांति क्रोध को समेट कर अपने अंदर रख लो और अपनी पूरी तैयारी के साथ वार करो इसलिए कभी भी शत्रु के इशार  पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं करनी चाहिए बल्कि सहीं वक्त का इंतजार करना चाहिए लेकिन शत्रु को छमा नहीं करना चाहिए छमा करने से शत्रु का मनो बल बढ़ता है ।

3-कैसे शत्रू का अंत करें ? 
आचार्य चाणक्य ने कहा है कि दुष्ट के साथ आप कितना भी अच्छा व्यवहार करें वह अपना स्वभाव नहीं बदल सकता सांप का जहर तो केवल उसके दांतों में होता है बिच्छू का विष पुरुष में लेकिन दुष्ट के तो अंग अंग में जहर होता है इसलिए दुष्ट पर कभी भरोसा मत करो दुष्ट कभी मित्र नहीं हो सकता दुष्ट के साथ उसी प्रकार व्यवहार करना चाहिए जैसे विषैले सांप के साथ किया जाता है यानी उसका फन कुचल देना चाहिए ।

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